Home Blog Page 57

विधानसभा से लेकर सरकारी दफ्तरों तक मचा हड़कंप

0

विधानसभा से लेकर सरकारी दफ्तरों तक मचा हड़कंप
ओडिशा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने विधानसभा से लेकर सरकारी दफ्तरों तक हड़कंप मचा दिया है. आरोप है कि एक असिस्टेंट इंजीनियर डिप्टी स्पीकर के नाम और उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके ट्रांसफर का धंधा चला रहा था. हैरानी की बात यह है कि यह कथित ‘धंधा’ काफी समय तक चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी. लेकिन, डिप्टी स्पीकर का निजी सचिव (पीए) उस पार्टी तक पहुंच गया, जिससे ट्रांसफर के नाम पर मोटी रकम वसूली गई थी. पीए ने जैसे ही डिप्‍टी स्‍पीकर के साइन वाला लेटर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई.
उसने तुरंत इस बाबत पहले डिप्‍टी स्‍पीकर को जानकारी दी और फिर भुवनेश्‍वर पुलिस के पास इसकी शिकायत दर्ज करा दी. इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की. जांच में पुलिस को पता चला कि ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के फर्जी हस्ताक्षर और नकली लेटर पैड का इस्तेमाल कर ट्रांसफर आदेश तैयार करवाए थे. जांच में पुलिस को असिस्टेंट इंजीनियर लक्ष्मण हेंब्रम की संलिप्‍तता मिली. इसके बाद आरोपी असिस्‍टेंट इंजीनियर लक्ष्‍मण हेंब्रम को अरेस्‍ट कर लिया गया.
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 13 जून को डिप्टी स्पीकर के निजी सचिव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि दो असिस्टेंट इंजीनियरों के तबादले के लिए डिप्टी स्पीकर के नाम से फर्जी लेटर जारी किए गए हैं. जांच शुरू हुई तो पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग मिले. जांच में पता चला कि फर्जी नोटपैड और नकली हस्ताक्षर का इस्तेमाल करके दो इंजीनियरों का तबादला क्योंझर से सुंदरगढ़ कराने की कोशिश की गई थी. इस पूरे मामले में लक्ष्मण हेंब्रम और एक अन्य असिस्टेंट इंजीनियर मोनालिसा बेहरा का नाम सामने आया है. मोनालिसा बेहरा फिलहाल फरार बताई जा रही हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.

कभी डकैतों के डर से जहां नहीं खुलते थे स्कूल, अब उसी बीहड़ के सरकारी स्कूल ने देश में गाड़ा झंडा

0

कभी डकैतों के डर से जहां नहीं खुलते थे स्कूल, अब उसी बीहड़ के सरकारी स्कूल ने देश में गाड़ा झंडा
कभी पाठा का नाम आते ही बीहड़, बंदूक और दस्युओं की दहशत याद आती थी। एक समय ऐसा भी था जब मानिकपुर क्षेत्र के कई विद्यालयों में शिक्षक जाने से कतराते थे और बच्चों की पढ़ाई भगवान भरोसे चलती थी। लेकिन अब यही पाठा शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।

विकास की बदलती तस्वीर के बीच मानिकपुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़चपा ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। केंद्र सरकार के स्वच्छ एवं हरित विद्यालय सर्वेक्षण में गढ़चपा विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर 27 वां तथा उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

राष्ट्रीय स्तर की टीम ने किया था भौतिक सत्यापन
देशभर के विद्यालयों से आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले विद्यालयों का राष्ट्रीय स्तर की टीम ने भौतिक सत्यापन किया। उत्तर प्रदेश से केवल चार विद्यालय इस सम्मान के लिए चुने गए, जिनमें चित्रकूट का गढ़चपा विद्यालय भी शामिल है। बीहड़ के पाठा से निकली यह सफलता की कहानी बताती है कि अवसर और संकल्प मिल जाएं तो बदलाव की राह सबसे कठिन इलाकों से भी निकल सकती है।

कानपुर में 19 स्कूलों की मान्यता रद्द

0

कानपुर में 19 स्कूलों की मान्यता रद्द
यूपी बोर्ड से जिले में संबद्ध 19 वित्तविहीन स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी गई है। इन स्कूलों से दो वर्ष से एक भी विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे थे। बुधवार शाम को बोर्ड सचिव की ओर से स्वत: मान्यता खत्म होने का पत्र जारी होने के बाद बोर्ड से संबद्ध वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों में हलचल बढ़ गई है। स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य डीआइओएस कार्यालय के पटल प्रभारी से पत्र की पुष्टि करने में लगे रहे।

इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के विनियमों के तहत 10वीं या 12वीं स्तर के ऐसे विद्यालय जिसके लगातार दो वर्ष तक कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं अथवा कक्षाएं संचालित नहीं होती हैं तो विद्यालय की मान्यता स्वतः समाप्त समझी जाएगी। लिहाजा शैक्षिक सत्र 2024-25 एवं 2025-26 में विद्यालय से कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं अथवा नहीं होने अथवा कक्षाएं संचालित नहीं किए जाने की वजह से स्कूलों की मान्यता स्वतः समाप्त हो गयी है।

डीआइओएस प्रवीन कुमार तिवारी ने बताया कि बोर्ड सचिव के स्तर से जारी निर्देशों को अमल में लाया जाएगा। स्वतः मान्यता समाप्त विद्यालयों के शैक्षिक अभिलेख किसी राजकीय या सहायता प्राप्त विद्यालय में संरक्षित कराया जाएगा।
इन स्कूलों की मान्यता हुई खत्म
1 आर्य वैदिक इंटर कालेज अर्मापुर
2 बीआर अंबेडकर हायर सेकेंडरी स्कूल गांधी नगर
3 चाचा नेहरू इंटर कालेज साकेत नगर
4 सेंट मार्टिन हायर सेकेंडरी School यशोदा नगर
5 डा. वीरेन्द्र स्वरूप पब्लिक स्कूल मैकराबर्टगंज
6 जन सहयोगी बालिका इंटर कालेज बरौली, बिल्हौर
7 एमआरपी एजुकेशन सेंटर शारदा नगर
8 विश्व बंधु इंटर कालेज महौली
9 सेंट पॉल हायर सेकेंडरी स्कूल अशोक नगर
10 श्री सनातन धर्म सरस्वती विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल कौशलपुरी
11 एनसीएचएसएस 264 सेवाग्राम कालोनी, दादा नगर
12 रुकमणी देवी सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल बर्रा
13 एसबीएसएस हायर सेकेंडरी स्कूल हंसपुरम
14 जेबीपीटी इंटर कालेज गंगापुर
15 एसडीएस विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल बैरी, कल्याणपुर
16 कामद शाइनिंग स्टार्स एकेडमी इंटर कालेज गंभीरपुर
17 स्वीट होम हायर सेकेंडरी स्कूल गोविंद नगर
18 गुरु गोरखनाथ हायर सेकेंडरी स्कूल गोरखधाम, खुजऊपुर
19 आरके पब्लिक स्कूल कठेरूआ

वैश्विक संकट में भारत तनकर खड़ा – सीएम योगी

0

वैश्विक संकट में भारत तनकर खड़ा – सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंचे। प्राकृतिक खेती प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद किसानों को सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने कहा, 12 सालों में हमने बदलते भारत को देखा जो बिना रुके थके, चल रहा है। अपने विरासत व विकास को आगे बढ़ा रहा है भारत।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का अभियान है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और पेस्टीसाइड के बढ़ते प्रयोग ने धरती की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचाया है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाला है।

प्राकृतिक खेती की ओर लौटना होगा
सीएसए परिसर में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय लोग हैंडपंप और तालाब का पानी पी लेते थे, लेकिन आज किडनी, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे खानपान और रसायनयुक्त कृषि का प्रभाव भी एक कारण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था अन्न के नाम पर जहर परोसने का काम नहीं कर सकती, इसलिए प्राकृतिक खेती की ओर लौटना समय की आवश्यकता है।

आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोआधारित खेती अपनाने से किसानों की लागत तत्काल 10 से 12 हजार रुपये तक कम हो सकती है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च बचेगा, वहीं स्वास्थ्य संबंधी खर्च भी कम होंगे। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं सुरक्षा कवच हैं, लेकिन लक्ष्य ऐसा समाज बनाना है जहां बीमारी ही कम हो।

34 जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनमें बुंदेलखंड के सात जिले भी शामिल हैं। वहां किसानों को बेहतर परिणाम मिले हैं। सरकार अब कृषि मंडियों में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के लिए अलग शोरूम स्थापित करेगी, ताकि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक खेती का उत्पाद थोड़ा महंगा भी हो तो उपभोक्ताओं को उसे प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि वह स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है।

गोआधारित खेती से गोवंश भी सुरक्षित रहेगा
मुख्यमंत्री ने गोसंरक्षण को प्राकृतिक खेती से जोड़ते हुए कहा कि हम सभी गोमाता की पूजा करते हैं। गोआधारित खेती से गोवंश की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि शार्टकट के रास्ते अपनाने के कारण आज कई समस्याएं सामने आई हैं। यदि किसान गाय को परिवार का हिस्सा बनाएंगे तो खेती भी मजबूत होगी और गोवंश भी सुरक्षित रहेगा।

राहुकाल, शुभ मुहूर्त, मघा नक्षत्र और हर्षण योग का संयोग

0

राहुकाल, शुभ मुहूर्त, मघा नक्षत्र और हर्षण योग का संयोग
19 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज श्रुति पंचमी, हर्षण योग, अश्लेषा-मघा नक्षत्र परिवर्तन और कई शुभ-अशुभ योग एक साथ बन रहे हैं। पंचमी तिथि शाम 5 बजे तक रहेगी, जबकि सुबह 10:07 बजे से मघा नक्षत्र शुरू होगा। विवाह, मांगलिक कार्य और नई शुरुआत के लिए कुछ समय शुभ माने गए हैं, वहीं राहुकाल और दिशाशूल के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आज का पंचांग: एक नजर में
विक्रम संवत्: 2083 (संवत्सर नाम: रौद्र) | शक संवत्: 1948 | हिजरी सन्: 1448 (3 मुहर्रम)
अयन व ऋतु: उत्तरायण, ग्रीष्म ऋतु
मास व पक्ष: द्वितीय ज्येष्ठ (शुद्ध) मास, शुक्ल पक्ष
तिथि: पंचमी (सायं 5:00 बजे तक, तत्पश्चात षष्ठी तिथि)
नक्षत्र व योग: अश्लेषा नक्षत्र (दिन 10:07 तक, इसके बाद मघा), हर्षण योग (दोपहर 2:53 तक, इसके बाद वज्र योग)
करण: बव करण (प्रातः 5:59 तक, इसके बाद विष्टि करण/भद्रा)

शुभ कार्यों का महासंयोग: हर्षण योग और श्रुति पंचमी का आशीष
ज्योतिषविदों के अनुसार, आज दोपहर 2 बजकर 53 मिनट तक ‘हर्षण योग’ रहेगा। यह योग अपने नाम के अनुरूप ही जीवन में हर्ष, उल्लास और सफलता का संचार करता है। इस अवधि में किए गए कार्यों में स्थायी सफलता मिलती है। इसके बाद ‘वज्र योग’ प्रारंभ होगा, जो पराक्रम और दृढ़ संकल्प वाले कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। आज दिन के उत्तरार्ध में विवाह का अत्यंत सुंदर मुहूर्त भी निकल रहा है, जो मघा नक्षत्र के प्रभाव से दांपत्य जीवन में स्थायित्व और राजसी सुख लेकर आएगा।

राहुकाल और दिशाशूल: भूलकर भी न करें यह गलती
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जहां एक ओर आज कई शुभ योग बन रहे हैं, वहीं ब्रह्मांडीय ऊर्जा का एक हिस्सा नकारात्मकता की ओर भी इशारा कर रहा है। आज मध्यमान से दिन के 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक राहुकाल वेला रहेगी। सनातन परंपरा में राहुकाल के दौरान किसी भी नए काम की शुरुआत, धन का बड़ा लेनदेन या नए व्यापारिक समझौते पूरी तरह वर्जित माने गए हैं।

इसके साथ ही, आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इसका सीधा अर्थ यह है कि आज पश्चिम दिशा की यात्राएं कष्टप्रद या निष्फल हो सकती हैं। यदि यात्रा करना अत्यंत अनिवार्य हो, तो घर से जौ या दही खाकर निकलें और भगवान शिव का स्मरण करें, ताकि दिशाशूल का नकारात्मक प्रभाव कम हो सके। प्रातः 5:59 के बाद विष्टि करण (भद्रा) की शुरुआत भी हो रही है, जिससे मांगलिक निर्णयों में सावधानी जरूरी है।

सीएम योगी आज करेंगे रामलला के दर्शन

0

सीएम योगी आज करेंगे रामलला के दर्शन
राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार को प्रस्तावित अयोध्या दौरे से पहले राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर जारी एक प्रशासनिक निर्देश चर्चा का विषय बन गया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुख्यमंत्री के दर्शन-पूजन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए एक अधिकृत प्रतिनिधि नामित करने का अनुरोध किया गया है।

मुख्यमंत्री का रामलला के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम तय है। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से किसी प्रतिनिधि का नाम और संपर्क विवरण ड्यूटी मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूजन और प्रोटोकॉल संबंधी तैयारियों का समन्वय समय से पूरा किया जा सके। प्रशासनिक स्तर पर इसे सामान्य व्यवस्था बताया जा रहा है, लेकिन राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच इस निर्देश ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने ओंकारेश्वर तीर्थ और ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर किया अभिषेक

0

राष्ट्रपति मुर्मु ने ओंकारेश्वर तीर्थ और ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर किया अभिषेक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को म.प्र. यात्रा के पहले दिन तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में ओंकारेश्वर तीर्थ और द्वादश ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर के दर्शन कर अभिषेक भी किया। उन्होंने ममलेश्वर और ओंकारेश्वर भगवान के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।

राष्ट्रपति मुर्मु ने 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ममलेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश से पहले नंदी प्रतिमा पर बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद मुख्य गर्भगृह में मुख्य पुजारियों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज और विशेष मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक और पूजन किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों के कल्याण, सुख-समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। ओंकारेश्वर तीर्थ के दर्शन के पहले राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्मृति चिह्न भेंट किया। क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी राष्ट्रपति मुर्मु को स्मृति चिन्ह के रूप में नर्मदेश्वर शिवलिंग, शंख और भगवान ओंकारेश्वर तीर्थ का छायाचित्र भेंट किया। इस अवसर पर जनजाति कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी अनुराग सिंह व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से खगोलीय उपकरणों, वेधशाला और मॉडल्स संबंधी की चर्चा

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से खगोलीय उपकरणों, वेधशाला और मॉडल्स संबंधी की चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में “स्कूल चले हम” अभियान अंतर्गत बड़ा गणपति के ‘शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय’ में छात्राओं से चर्चा की। उन्होंने विद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक व आकर्षक खगोलीय प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से खगोलीय उपकरणों, वेधशाला और मॉडल्स के संबंध में बात की। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहेंगी। उन्होंने छात्राओं के वैज्ञानिक कौशल की सराहना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर्षक स्पेस-थीम, रॉकेट मॉडल्स और ‘स्पार्क एस्ट्रोनॉमी’ लैब देखकर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं में जाकर बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यालय की स्मार्ट कक्षाओं में बालिकाओं से अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने अत्यंत सहजता से बालिकाओं से जाना कि वे भविष्य में देश व समाज के लिए क्या योगदान देना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालिकाओं ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी-अपनी रुचि के अनुसार अपने भविष्य के लक्ष्यों और सपनों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, अध्ययन व्यवस्था, विद्यालय में उपस्थिति तथा पढ़ाई से जुड़ी विभिन्न बातों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय विद्यालयों के आधुनिकीकरण और बेटियों को शिक्षा, विज्ञान व तकनीकी क्षेत्र में हर संभव अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय विद्यालयों में इस स्तर की अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशालाओं का होना नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सार्थक करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान और तकनीक क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के बीच विद्यार्थियों को नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बनकर सीखने तथा अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने को कहा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार द्वारा विद्यालयीन शिक्षा को और अधिक बेहतर, आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लॉस, विज्ञान एवं नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट

0

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कुनकुरी की बिजली व्यवस्था हुई और मजबूत

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कुनकुरी की बिजली व्यवस्था हुई और मजबूत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में विद्युत अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के तहत जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र को महत्वपूर्ण सौगात मिली है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कुनकुरी में 3.15 एमवीए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 5 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। साथ ही नगर क्षेत्र के लिए अतिरिक्त 11 केवी फीडर का निर्माण एवं विद्युत प्रवाह प्रारंभ करने का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।

नए ट्रांसफार्मर की स्थापना के लिए विभाग द्वारा व्यापक तकनीकी तैयारियां की गईं। कार्यस्थल पर आवश्यक स्थान उपलब्ध कराने हेतु दो डीपी को स्थानांतरित किया गया, अनुपयोगी नियंत्रण कक्ष को हटाया गया तथा पुराने ट्रांसफार्मर प्लिंथ का मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया गया। सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद ट्रांसफार्मर प्रतिस्थापन का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार ट्रांसफार्मर क्षमता में वृद्धि से क्षेत्र की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी। वहीं नए 11 केवी फीडर के शुरू होने से विद्युत भार का बेहतर वितरण संभव होगा, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी और उपभोक्ताओं को अधिक सुचारू एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर किए गए इस उन्नयन कार्य को क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों एवं विद्युत उपभोक्ताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कुनकुरी की विद्युत व्यवस्था को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।