Home Blog Page 18

‘सात्विक बलि’ के लिए प्रसिद्ध है भारत का यह मंदिर, जानिए क्या है इसकी खास परंपरा

0

भारत में आस्था और परंपराओं से जुड़े अनेक मंदिर हैं, लेकिन एक ऐसा मंदिर भी है जहां बकरे की ‘सात्विक बलि’ देने की अनोखी परंपरा निभाई जाती है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में बकरे का वध नहीं किया जाता और न ही खून की एक भी बूंद बहती है। यही वजह है कि यह परंपरा देशभर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में बलि का स्वरूप पूरी तरह प्रतीकात्मक होता है। धार्मिक अनुष्ठान के तहत बकरे को देवी-देवता के समक्ष समर्पित किया जाता है, लेकिन उसकी हत्या नहीं की जाती। पूजा संपन्न होने के बाद उसे जीवित ही छोड़ दिया जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परंपरा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पशु हिंसा से भी बचा जा सकता है।

हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अनोखी परंपरा को देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं और अहिंसा के संदेश का अनूठा संगम मानी जाने वाली यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक विविधता और लोक आस्थाओं का एक अलग उदाहरण प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने यात्रा का शुभारंभ कर यात्रियों को दीं शुभकामनाएं

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन केवल एक नगर नहीं, भूत भगवान महाकाल की पावन नगरी है। यहां के 84 महादेव श्रद्धा, साधना और सनातन परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं। दर्शन यात्रा हमारी सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आस्था के साथ-साथ आत्मिक जागरण का भी पुण्य अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में आयोजित 84 महादेव दर्शन यात्रा-2026 का शुभारंभ कर वीडियो कान्फ्रेसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दर्शन करने जा रहे सभी यात्रियों को अपनी आत्मीय शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिनः का संदेश देती है। भगवान शिव समरसता, करुणा और लोककल्याण के प्रतीक हैं। भारत की आध्यात्मिक शक्ति आज पूरे विश्व को आकर्षित कर रही है। यह यात्रा हमारी पवित्र आध्यात्मिक चेतना को आगे बढ़ाने का अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 84 महादेवों की परिक्रमा शिवभक्ति की प्राचीन और पवित्र परंपरा है। यह यात्रा श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश देती है। प्रत्येक मंदिर उज्जैन के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का साक्षी है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन कम ही होते हैं। 84 महादेव दर्शन यात्रा में शामिल सभी मातृशक्तियों को आयोजक संस्था द्वारा लाल चुनरी, साडी, रूद्राक्ष की माला, बिल्वपत्र का पौधा निःशुल्क भेंट किए जा रहे हैं। यात्रा के साथ में प्रसिद्ध भजन गायक मनीष तिवारी की भजन मंडली भी चल रही है। उन्होंने कहा कि सावन मास के पावन अवसर पर भगवान शिव के प्रति सबकी श्रद्धा प्रशंसनीय है। इस यात्रा से हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढावा मिलेगा, धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा और हमारी सामाजिक समरसता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल आस्था नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की भी शक्ति हैं। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार तीर्थ स्थलों पर बेहतर सुविधाएं विकसित कर रही है। हमारा लक्ष्य उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। प्रशासन और समाज मिलकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे जनभागीदारी से ही ऐसे आयोजन भव्य और दिव्य बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति से जुड़ा समाज ही सशक्त और आत्मविश्वास राष्ट्र बनाता है। इसलिए हमारे युवाओं को भी अपनी संस्कृति, तीर्थ और परंपराओं से जुड़ना चाहिए। क्योंकि हमारी पहचान हमारी सभ्यता और संस्कारों से बनती है। यह यात्रा युवाओं में सेवा, अनुशासन औ राष्ट्रभाव की प्रेरणा जगाएगी।

वर्तमान चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार नए आपराधिक कानूनों ने न्याय व्यवस्था में लाया ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।

उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।

उन्होंने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हुई है। कागजी औपचारिकताओं में कमी आई है तथा सीमित संसाधनों में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने में भी ये कानून अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नौ नए साइबर थाने प्रारंभ किए हैं तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तकनीक निरंतर विकसित हो रही है। इसलिए न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। राज्य सरकार नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत प्रशिक्षण, क्षमता विकास और नियमित मॉनिटरिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ग्वालियर पुलिस की भावुक विदाई, आरक्षक ने अपने अंदाज से जीता IG का दिल

0

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस महानिरीक्षक (IG) अरविंद सक्सेना की विदाई का अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। सेवानिवृत्ति समारोह के दौरान एक आरक्षक ने अपने अधिकारी को सम्मान देने के लिए ऐसा अनोखा तरीका अपनाया, जिसे देखकर वहां मौजूद पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हैरान रह गए।

विदाई समारोह के बाद ग्वालियर आईजी कार्यालय में पदस्थ आरक्षक सुनील यादव ने IG अरविंद सक्सेना की फूलों से सजी सरकारी गाड़ी के आगे रस्सी बांधी। इसके बाद उन्होंने रस्सी को अपने दांतों से पकड़कर गाड़ी को खींचा। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

सम्मान और भावनाओं से भरा पल

आमतौर पर पुलिस अधिकारियों की विदाई गार्ड ऑफ ऑनर और शुभकामनाओं के साथ होती है, लेकिन ग्वालियर में हुई यह विदाई अपने अलग अंदाज के कारण यादगार बन गई। आरक्षक सुनील यादव ने अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारी के प्रति सम्मान और भावनाएं व्यक्त कीं।

सेवानिवृत्ति समारोह में मौजूद रहे कई अधिकारी

IG अरविंद सक्सेना के विदाई समारोह में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने उनके कार्यकाल की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस अनोखी विदाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग आरक्षक सुनील यादव के इस सम्मान भरे अंदाज की चर्चा कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे अधिकारी और कर्मचारियों के बीच मजबूत संबंधों का उदाहरण बताया।

अरविंद सक्सेना का पुलिस सेवा में योगदान

अरविंद सक्सेना ने पुलिस विभाग में लंबे समय तक सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल के दौरान कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। विदाई समारोह में पुलिस परिवार ने उन्हें सम्मान और शुभकामनाओं के साथ विदा किया।

 

अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026, अमित शाह ने पुणे में किया सम्मानित

0

पुणे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को राष्ट्र सेवा और सुरक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए लोकमानी तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। पुणे में आयोजित विशेष समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।

यह पुरस्कार लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदान किया गया। समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान के लिए मिला सम्मान

समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसलों के क्रियान्वयन में डोभाल का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार डोभाल की राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा और उनकी कार्यक्षमता का सम्मान है।

सम्मान पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं: डोभाल

पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अजीत डोभाल ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने युवाओं से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के देशभक्ति, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को अपनाने की अपील की।

डोभाल ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल अपनी इच्छाओं के अनुसार कार्य करना नहीं है, बल्कि राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक मजबूत और सक्षम राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

समारोह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहन, लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

जब बेटियों ने दिखाया दम, ग्लासगो में गूंजा भारत का नाम; ऐतिहासिक स्वर्णिम दिन

0

ग्लासगो। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की महिला खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया। एक ही दिन भारतीय खिलाड़ियों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मुक्केबाजी और जूडो में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने न केवल पदकों की झड़ी लगाई, बल्कि खेल जगत में अपनी मजबूत मौजूदगी भी दर्ज कराई। यह दिन भारतीय दल के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के सबसे सफल दिनों में गिना जा रहा है।

भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिला 54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके कुछ ही देर बाद जैसमिन लांबोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 के एकतरफा अंतर से मात देकर भारत को दूसरा स्वर्ण दिलाया। दोनों खिलाड़ियों के आक्रामक खेल ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

जूडो में भी भारत का दबदबा देखने को मिला। अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया। वहीं हर्ष सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता। इन उपलब्धियों ने भारतीय जूडो के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।

भारतीय महिला खिलाड़ियों की इस शानदार सफलता के बाद देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया। सोशल मीडिया पर भी भारतीय बेटियों की उपलब्धियों की जमकर सराहना हो रही है।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के इस स्वर्णिम प्रदर्शन से पदक तालिका में भी देश की स्थिति मजबूत हुई है। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों से और भी पदकों की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही प्रदर्शन जारी रहा तो भारत इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ अभियान पूरा कर सकता है।

2 अगस्त का राशिफल: मेष और मकर राशि वालों को मिलेगा भाग्य का साथ, आय में होगी बढ़ोतरी

0

नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026। आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आया है। विशेष रूप से मेष और मकर राशि के जातकों को करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं और कुछ लोगों को अप्रत्याशित शुभ समाचार भी मिल सकता है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष

आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ रहने वाला है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में बड़ा सौदा लाभ देगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

वृषभ

कामकाज में धैर्य बनाए रखें। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय के नए स्रोत भी बनेंगे। किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।

मिथुन

कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा।

कर्क

परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और तनाव से बचें।

सिंह

नौकरी और व्यवसाय में सफलता के योग हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है।

कन्या

नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं।

तुला

आज भाग्य आपका साथ देगा। कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।

वृश्चिक

व्यापार में लाभ के संकेत हैं। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

धनु

नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

मकर

आज का दिन आपके लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं रहेगा। करियर में तरक्की, व्यापार में मुनाफा और रुके हुए कार्य पूरे होने के योग हैं। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है।

कुंभ

रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें।

मीन

आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभदायक रहेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

शुभ रंग और शुभ अंक
शुभ रंग: पीला, हरा और सफेद
शुभ अंक: 3, 5 और 9

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। वास्तविक जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय अपने विवेक और आवश्यक विशेषज्ञ सलाह के आधार पर ही लें।

इंदौर में नगरीय निकाय उपचुनाव की तैयारी तेज, वार्ड 58 और 60 में होगा मतदान

0

इंदौर। इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 58 और 60 में होने वाले उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगरीय निकाय की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है।

जिला निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची तैयार होने के साथ ही अब राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की तिथियों की घोषणा की जाएगी। दोनों वार्डों में मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाओं में जुट गया है।

उपचुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों ने भी अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। संभावित उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय मुद्दों के साथ विकास कार्य चुनावी चर्चा का प्रमुख विषय बनने की संभावना है।

प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान से पहले मतदाता सूची में अपना नाम और मतदान केंद्र की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

जंतर-मंतर प्रकरण: छात्रा को माफी देने के बाद कानूनी पहलुओं पर उठे सवाल

0

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुई घटना से जुड़े मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रा को माफ किए जाने के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। छात्रा के अधिवक्ता अनिल सिंह ने एफआईआर में दर्ज तथ्यों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उसमें छात्रा की उम्र और पेशे से संबंधित जानकारी सही नहीं है।

वकील के अनुसार, छात्रा की उम्र 15 वर्ष है और वह राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा प्रणाली (ओपन स्कूल) से कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में छात्रा को सैलून में कार्यरत बताया गया है, जबकि यह तथ्य गलत है। उनका आरोप है कि पुलिस ने पर्याप्त जांच के बिना मामला दर्ज किया।

अधिवक्ता ने बताया कि अब तक परिवार को पुलिस की ओर से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी अधिकारी ने संपर्क किया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया है। उनके अनुसार, शुक्रवार को छात्रा का जन्मदिन था और उसी दिन प्रधानमंत्री की ओर से मिला माफी का संदेश उसके लिए विशेष महत्व रखता है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर जारी वीडियो संदेश में कहा था कि जंतर-मंतर की घटना के दौरान कुछ बच्चों द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा अनुचित और अस्वीकार्य थी। उन्होंने कहा कि उनके तथा उनकी दिवंगत माता के संबंध में की गई टिप्पणियां दुखद थीं, लेकिन वह इस पूरे प्रकरण को कटुता की भावना से नहीं देखना चाहते।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बचपन में गलतियां हो सकती हैं और बच्चों को उन्हें सुधारने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दंड से अधिक आवश्यक है कि बच्चों को सही मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि वे भविष्य में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने युवाओं से अपनी गलतियों से सीख लेकर देश के विकास में रचनात्मक भूमिका निभाने की भी अपील की।

इससे पहले संबंधित छात्रा ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।

वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने संभाला नौसेना उप-प्रमुख का पदभार

0

वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने संभाला नौसेना उप-प्रमुख का पदभार, भारतीय नौसेना को मिलेगा नया नेतृत्व

नई दिल्ली। वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने आज भारतीय नौसेना के उप-प्रमुख (Vice Chief of Naval Staff) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने नौसेना मुख्यालय में पदभार संभालते हुए भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता, आधुनिकीकरण और रणनीतिक तैयारियों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यभार संभालने के बाद वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों, समुद्री निगरानी व्यवस्था तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

वाइस एडमिरल प्रमोद भारतीय नौसेना के अनुभवी अधिकारियों में शामिल हैं। उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्हें समुद्री अभियानों, संचालन संबंधी योजनाओं और रणनीतिक मामलों का व्यापक अनुभव है।

नौसेना में अपने करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान दिया है। उनकी विशेषज्ञता परिचालन योजना, नौसैनिक अभियानों और रक्षा नीति से जुड़े क्षेत्रों में रही है।

नौसेना उप-प्रमुख के रूप में उनकी जिम्मेदारी भारतीय नौसेना की युद्धक तैयारियों को मजबूत करना, आधुनिक तकनीक के समावेश को गति देना और समुद्री क्षेत्र में भारत की रणनीतिक क्षमता को बढ़ाना होगी।

भारतीय नौसेना लगातार स्वदेशीकरण, आधुनिक युद्ध प्रणालियों और समुद्री सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे समय में वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद की नियुक्ति को नौसेना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नौसेना अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों ने उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में भारतीय नौसेना नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।