मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को विदेशी मुद्रा जुटाने की अपनी विशेष योजनाओं से करीब 80 अरब डॉलर तक की रकम भारत आने की उम्मीद है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि तीनों स्वैप सुविधाओं के जरिए विदेशी पूंजी का प्रवाह मजबूत रहा है।
विदेशी पूंजी का बढ़ा प्रवाह
गवर्नर के मुताबिक, जून में शुरू की गई रियायती स्वैप सुविधाओं को बाजार से उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया मिली है। RBI का अनुमान है कि इन तीनों योजनाओं के माध्यम से कुल विदेशी प्रवाह कम से कम 80 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
FCNR(B) योजना से बड़ी रकम जुटी
RBI ने हाल ही में गैर-निवासी भारतीयों (NRI) की विदेशी मुद्रा जमा से जुड़ी FCNR(B) स्वैप सुविधा की समयसीमा पहले ही समाप्त करने का फैसला किया था। 13 अगस्त तक इस माध्यम से करीब 52.3 अरब डॉलर की राशि जुटाई जा चुकी थी।
RBI ने बताया मजबूत स्थिति का संकेत
संजय मल्होत्रा ने कहा कि स्वैप विंडो को पहले बंद करने का फैसला परिस्थितियों के आंकलन पर आधारित और सोच-समझकर लिया गया कदम है। उनके मुताबिक, विदेशी पूंजी का मजबूत प्रवाह देश की आर्थिक बुनियाद और बाहरी क्षेत्र की स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत है।
विदेशी मुद्रा भंडार को मिल सकता है सहारा
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा का बढ़ता प्रवाह भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति को सहारा दे सकता है। RBI की इन पहलों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा उपलब्धता बढ़ाने के साथ भुगतान संतुलन को मजबूत करना भी है।



