हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर बवाल, हुड्डा ने उठाए गंभीर सवाल
चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों और नियमों की अनदेखी की गई। हुड्डा ने अपने पत्र में कहा कि हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और एक सीट जीतने के लिए 31 वोट जरूरी थे। भाजपा के पास 48 और कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, ऐसे में सामान्य स्थिति में दोनों दलों का एक-एक उम्मीदवार जीतना तय माना जा रहा था। लेकिन भाजपा ने अपने उपाध्यक्ष सतीश नांदल को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतारकर चुनाव को विवादित बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष ने चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा लिया, जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त, दबाव और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग शामिल है। हुड्डा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कांग्रेस विधायकों के वैध वोटों को रद्द किया गया, जबकि भाजपा और निर्दलीय के पक्ष में पड़े संदिग्ध वोटों को स्वीकार किया गया। हुड्डा ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचा है और जनता में नाराजगी है। पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि चार विधायकों के नाम उजागर किए गए हैं, एक दो दिन में पांचवां नाम भी सामने आ जाएगा। कांग्रेस के पांच विधायकों की तरफ से क्रॉस वोट किया गया है। सभी के खिलाफ एक्शन पर हाईकमान फैसला करेगा। विधायक बीबी बतरा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 32 वोट वैलिड पड़े हैं, इनमें से 28 वोट आए। चार वोट गलत तरीके से कैंसल किए गए। इसके बारे में राज्यपाल को भी सब लिखा है।
