महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के अकोला से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 'सदरक्षणाय खलनिग्रहणाय' का नारा देने वाली पुलिस पर ही आरोप लग रहे हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी भूलती जा रही है. पुलिस हिरासत में एक महिला आरोपी के साथ ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारी द्वारा आपत्तिजनक बातचीत करने का मामला सामने आया है। इसस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी का राजेश जाधव बताया जा रहा है, जो सहायक पुलिस उप-निरीक्षक (ASI) के पद पर था. महिला से छेड़छाड़ और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में उसके खिलाफ सिविल पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज किया गया है. हालांकि, अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।

लॉकअप में महिला से की गई शर्मनाक मांग 

यह घटना 31 मार्च की रात अकोला शहर के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन के पुलिस लॉकअप में हुई. मिली जानकारीके अनुसार, 80 लाख की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार महिला को सिविल पुलिस स्टेशन के लॉकअप में रखा गया था।

इसी दौरान आरोपी एसआई राजेश जाधव नामक पुलिस अधिकारी ने आरोपी महिला से पूछा कि तुम्हारी बेटी की उम्र क्या है? और फिर 10 हजार रुपये देने का लालच देकर कहा कि उसे रात भर अपनी बेटी को मेरे पास भेज दो. यह सुनकर महिला हैरान रह गई और उसने इस पूरे मामले की जानकारी अधकारियों को दी।

वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप 

इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एएसआई से सवाल किया कि 'तूने वर्दी पहनी है, ऐसा करते हुए शर्म क्यों नहीं आई.' जानकारी के मुताबिक, गुस्सा अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एएसआई को थप्पड़ मारने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस वर्दी में होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हाथ पीछे खींचना पड़ा. यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हो गई है।

पुलिस पर उठे सवाल 

हालांकि, इस घटना के बाद पुलिस स्टेशन में बड़ा हंगामा हुआ. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी इस संबंध में जानकारी दी गई. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि जल्द ही शारीरिक सुख की मांग करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया जाएगा. इस घटना के बाद पुलिस स्टेशन में ही महिलाओं की असुरक्षा का माहौल है. इसलिए महिलाओं की सुरक्षा का एक बड़ा सवाल यहां उठता है।