बंगाल चुनाव के बीच ED का एक्शन, कई ठिकानों पर छापेमारी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, और इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। रविवार को ईडी ने दो बड़े मामलों में एक साथ छापेमारी कर अपनी सक्रियता जाहिर की है।
1. फरार ‘सोना पप्पू’ से जुड़ा है कारोबारियों का कनेक्शन?
ईडी की टीम ने कोलकाता के आनंदपुर और अलीपुर इलाकों में कई कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी है। यह कार्रवाई आर्थिक धोखाधड़ी और जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में फरार आरोपी 'सोना पप्पू' से जुड़ी कड़ियों को तलाशने के लिए की गई।
-
जांच का उद्देश्य: एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन कारोबारियों ने 'सोना पप्पू' के अवैध लेन-देन में कोई भूमिका निभाई थी।
-
प्रभावशाली लोगों से संबंध: जांच एजेंसियों के अनुसार, 'सोना पप्पू' के संबंध कई प्रभावशाली लोगों से रहे हैं, जिसके चलते जांच का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है। आने वाले दिनों में और भी जगहों पर छापेमारी की संभावना है।
2. PDS गेहूं घोटाले में नौ ठिकानों पर रेड
इसके अलावा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े गेहूं घोटाले को लेकर भी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। कोलकाता, बर्दवान और हाबरा समेत नौ अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए।
-
क्या है घोटाला? घोजाडांगा लैंड कस्टम्स स्टेशन के एक अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद यह मामला सामने आया।
-
मोडस ऑपरेंडी: आरोप है कि गरीबों के लिए आवंटित गेहूं को सरकारी सिस्टम से निकालकर सीधे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
-
संगठित नेटवर्क: जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। इसमें सप्लायर, डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर और बिचौलियों की एक पूरी चेन शामिल है।
चुनावी माहौल पर असर
इन कार्रवाइयों ने राज्य के चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। ईडी द्वारा एक साथ दो बड़े मामलों की गहराई से जांच शुरू करने से राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति की भूमिका खंगाल रही है, जिससे आने वाले समय में और कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
