फरार अपराधियों पर सख्ती: Bihar में गैंग के सदस्यों की संपत्ति कुर्क
पटना: सोनू-मोनू गिरोह के गुर्गों पर पुलिस का शिकंजा, दाहाैर गांव में कुख्यात अपराधियों के घर कुर्की-जब्ती
बाढ़ (पटना): बिहार में अपराधियों के खिलाफ जारी मुहिम के तहत पटना पुलिस ने बाढ़ थाना क्षेत्र के दाहौर गांव में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह के सक्रिय सदस्यों, दिलीप सिंह और बबलू सिंह के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई है।
थानों की घेराबंदी और कड़ी कार्रवाई
बाढ़ एसडीपीओ (SDPO) रामकृष्ण के नेतृत्व में कई थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर फरार आरोपियों के घरों को खंगालना शुरू किया। कोर्ट के निर्देशानुसार, पुलिस ने घर के चौखट, किवाड़ और अन्य घरेलू सामानों को जब्त कर लिया। यह पूरी प्रक्रिया बाढ़ थाना कांड संख्या 418/23 के तहत पूरी की गई।
क्या है पूरा मामला?
एसडीपीओ रामकृष्ण के अनुसार, यह मामला समाज में शराबखोरी के खिलाफ उठाई गई आवाज को दबाने की कोशिश से जुड़ा है:
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हिंसा की वजह: कुछ समय पहले शराब पीने और इसका विरोध करने पर अपराधियों ने खुलेआम फायरिंग की थी।
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नामजद आरोपी: इस घटना में दिलीप सिंह और बबलू सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद से ही दोनों पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे।
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चेतावनी की अनदेखी: पुलिस ने पहले भी आरोपियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया था, लेकिन उनके हाजिर न होने पर अंततः कुर्की की कार्रवाई की गई।
सोनू-मोनू गिरोह का आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपियों का संबंध कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह से है। पुलिस के मुताबिक:
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दिलीप और बबलू पर पहले से ही दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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इस गिरोह का क्षेत्र में काफी आतंक रहा है और स्थानीय स्तर पर इनकी पहचान पूर्व विधायक अनंत सिंह के विरोधी गुट के रूप में होती रही है।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दिलीप और बबलू के खिलाफ कार्रवाई हुई है, लेकिन इस गिरोह के मास्टरमाइंड की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले और कानून से भागने वाले अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस दबिश से क्षेत्र के अन्य बदमाशों में भी खौफ का माहौल है।
