पंचकूला में वोटों की चोरी का दावा, रणदीप सुरजेवाला का बड़ा बयान
चंडीगढ़: रणदीप सुरजेवाला ने पंचकूला नगर निगम में फर्जी वोटिंग का लगाया आरोप, कहा—लोकतंत्र में सेंध लगाने की हो रही है बड़ी साजिश
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने पंचकूला नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची में भारी अनियमितताओं का दावा करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा हमला बोला है। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सुरजेवाला ने सरकार पर 'वोट चोरी' का मॉडल अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की मिलीभगत से चुनावी प्रक्रिया को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मतदाता सूची में हजारों की संख्या में ऐसी प्रविष्टियां मिली हैं जो दोहराव का शिकार हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव की संभावनाओं पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि इतनी बड़ी संख्या में त्रुटियां कोई मानवीय भूल नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीतिक साजिश का हिस्सा प्रतीत होती हैं।
हजारों मतदाताओं की डुप्लीकेट एंट्री और चुनावी शुचिता पर गंभीर सवाल
सुरजेवाला ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि जांच के दौरान 8545 ऐसे लोग पाए गए हैं जिनकी मतदाता सूची में कुल 17,086 बार प्रविष्टियां की गई हैं। यह कुल मतदाताओं का 8 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा है, जो चुनावी परिणामों को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है। कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि यदि यह संख्या महज दो-चार होती तो इसे सामान्य लिपिकीय त्रुटि माना जा सकता था, परंतु 17 हजार से अधिक फर्जी प्रविष्टियां यह दर्शाती हैं कि पूरी वोटर लिस्ट इस समय अशुद्ध और संदिग्ध है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए मांग की है कि इसे तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके।
हरियाणा के अन्य नगर निगमों में भी व्यापक फर्जीवाड़े की आशंका
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने इस मुद्दे को और विस्तार देते हुए कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी ने जिस तरह फर्जी वोटों का भंडाफोड़ किया था, उसी तर्ज पर हरियाणा में भी कांग्रेस इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अंदेशा जताया कि केवल पंचकूला ही नहीं बल्कि सोनीपत और अंबाला जैसे अन्य नगर निगमों में भी इसी तरह का बड़ा चुनावी फर्जीवाड़ा होने की पूरी संभावना है। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि उनकी टीम ने पिछले एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद इस पूरे गोरखधंधे को उजागर किया है। कांग्रेस का मानना है कि यह केवल एक शहर की समस्या नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की एक विस्तृत योजना का हिस्सा हो सकता है।
चुनाव आयोग को सौंपे गए साक्ष्य और तत्काल कार्रवाई की पुरजोर मांग
प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें इस फर्जीवाड़े से जुड़े तमाम दस्तावेजी सबूत सौंप दिए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि अब यह मामला केवल जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि साक्ष्यों के आधार पर सीधे तौर पर कठोर कार्रवाई करने का समय आ गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव आयोग साक्ष्यों की गंभीरता को समझते हुए उचित कदम उठाएगा और लोकतंत्र की गरिमा को बहाल करेगा। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में त्वरित एक्शन नहीं लिया गया तो वे जनता के बीच जाकर इस 'वोट चोर' सरकार की असलियत को और भी बड़े स्तर पर बेनकाब करेंगे।
