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29वें दिन भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग

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29वें दिन भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoK) में आज प्रदर्शन का 29 वां दिन है. आज भी PoK के अलग अलग शहरों में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ सड़को पर उतर कर मार्च निकाल रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं. कोटली से लेकर सुधनोती तक हर तरफ़ मार्च निकल रहे हैं और सहूलत्कारों देख लो हम तुम्हारी मौत हैं और जीवे जीवे कश्मीर के नारे लग रहे हैं.

PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद में आज एक बार फिर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई जिसमें 3 लोग घायल बताए जा रहे हैं. तस्वीरों में दिखायी दे रहा है की लोग टायर जला कर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी तरह विद्रोह के गढ़ रावलकोट के ईदगाह मैदान पर आज भी पाकिस्तान के अलग अलग शहरों से आई 70 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की भीड़ इकट्ठा है जो पाकिस्तानी हुक्मरानों के लिए चुनौती बनी हुई है.

8 जुलाई तक की पाकिस्तानी हुकूमत को प्रदर्शनकारियों ने 38 मांगे मानने की डेडलाइन दी है और उसके बाद 9 जुलाई से प्रदर्शनकारी शांति का रास्ता छोड़ कर राजधानी मुजफ्फराबाद तक मार्च का रास्ता अपनाएंगे और आजादी का बिगुल फूकेंगे

अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य ने क्या कहा?
आज फिर एक बार अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार इम्तियाज़ असलम ने पाकिस्तानी फ़ौज को आतंकी करार देते हुए महिलाओं का फौज का सामना करने के लिए शुक्रिया अदा किया और जालिम पाकिस्तानी फ़ौज को चुनौती देते हुए लोगो को फिर 9 जुलाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया. PoK में क्या महिलाएं क्या बच्चे हर कोई पाकिस्तान की ज़ालिम हुकुमत के खिलाफ आज खड़ा हुआ है. ये दो तस्वीर है जहां एक तरफ रावलकोट के ही बस स्टैंड पर 10 हजार से ज्यादा PoK के अलग अलग शहरों से महिलाएं 11 जून से बच्चों के साथ बैठी है तो बच्चे और महिलायें दोनों पाकिस्तान की ज़ालिम हुकूमत के खिलाफ नारे बुलंद कर रहे हैं.

PoK में कब शुरू हुआ था प्रदर्शन?
PoK में 9 जून से शुरू हुए प्रदर्शन के बाद 14 जून से पाकिस्तान ने खाने की सप्लाई बंद की हुई है. बॉर्डर पर दर्जन भर से ज़्यादा ट्रक खड़े हैं, जिन्हें PoK में खाने का सामान आटा चावल दाल दूध लेकर नहीं जाने दिया जा रहा है. इसी वजह से महिलाएं पाकिस्तानी हुकूमत की तुलना इस्लामिक इतिहास के सबसे बड़े विलेन यजीद से कर रही हैं और विद्रोहियों को हुसैन का लश्कर बता रही हैं. आज एक बार फिर पाकिस्तानी हुकूमत को अल्टीमेटम देते हुए प्रदर्शन के आयोजकों में से एक सरदार उमर नजीर ने कहा की PoK के लोगो की अहिंसा को उनकी कमज़ोरी समझा गया, लेकिन अब 9 जुलाई से लड़ाई आर पार की होगी.

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