झारखंड में छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सोरेन सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि तय समय के भीतर छात्रों की मांगों पर उचित फैसला नहीं लिया गया, तो वह खुद आमरण अनशन पर बैठेंगे।
रांची में छात्रों के आंदोलन के बीच रघुवर दास ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
रघुवर दास ने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर छात्रों की मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वह भगवान बिरसा मुंडा के स्मारक स्थल पर अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि वह आंदोलन से निकले हुए नेता हैं और छात्रों एवं युवाओं की समस्याओं को समझते हैं।
दरअसल, झारखंड में JPSC और JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र इन मामलों की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत भी हुई है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
रघुवर दास के इस अल्टीमेटम के बाद झारखंड की सियासत और गरमा गई है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम और छात्रों की मांगों पर होने वाले फैसले पर है।



