कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। ड्रेन में डूबने से तीन सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। करीब 12 घंटे तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद तीनों के शव बरामद किए गए। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि तीनों बहनें किसी काम से घर के बाहर गई थीं। इसी दौरान वे ड्रेन के पास पहुंच गईं और अचानक गहरे पानी में चली गईं। काफी समय तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। अनहोनी की आशंका होने पर पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम, स्थानीय गोताखोर और राहत दल मौके पर पहुंचे। रातभर चले अभियान के दौरान ड्रेन में तलाश की गई। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक कर तीनों बहनों के शव बरामद किए गए।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम बच्चियों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला डूबने से मौत का सामने आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले ड्रेन और खतरनाक जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
घटना ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
कुशीनगर की इस घटना ने एक बार फिर खुले नालों, ड्रेन और जलभराव वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी संकेत और सुरक्षा बैरिकेड लगाए जाने चाहिए, जिससे लोगों की जान बचाई जा सके।



